पिछले महीने एक हफ्ते की छुट्टी मिली | मन में उमंगें और उत्साह लिए उछलते हुए निकल पड़े हम एक शहर की सैर पर | ट्रेन के सफर में हमारा अंतर्मन कुछ ज्यादा मजा लेता है तो हम छुक्छुकाने लगे एक सुपरफास्ट एक्स… more →
नीरज त्रिपाठीमहावीर wrote 7 months ago: आतंक के युद्ध में जीत!!! यह सब से बड़ा आतंकी हमला था। १० आतंकियों को मार कर आतंक के खिलाफ यह जंग ज … more →
महावीर wrote 8 months ago: नीरज त्रिपाठी पति या कुत्ता नीरज त्रिपाठी उस दिन शर्मा जी जब घर लौटे तो उन्होने देखा कि पूरे घर मे … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 9 months ago: पिछले महीने एक हफ्ते की छुट्टी मिली | मन में उमंगें और उत्साह लिए उछलते हुए निकल पड़े हम एक शहर की सै … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 10 months ago: बचपन में माँ से था सुना जल देव हैं जीवन आधार जल ही जल बस जल ही जल हर तरफ़ चीख बिलख हाहाकार उजड़ … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 12 months ago: सूचना ‘महावीर‘ ब्लॉग पर मुशायरा (कवि-सम्मेलन) “बरखा-बहार” वरिष्ठ लेखक, सम … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: लाल है अब शहर था कल तक गुलाबी मिट गया सिंदूर हाथ मेंहदी है अभी भी राख है वो आज मासूमियत उसकी हँसी सु … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: सोचा जब सब लेते हैं तो हम भी मजा लेंगे भोलू बनकर कब तक जीवन यापन करेंगे सुनहरा मौसम तिथि एकादशी का … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: पति या कुत्ता नीरज त्रिपाठी उस दिन शर्मा जी जब घर लौटे तो उन्होने देखा कि पूरे घर में सजावट थी और ब … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: बस एक ध्येय बस एक लक्ष्य वो जहर उगलते जाते हैं भावुक भोली जनता का ख़ुद को शुभचिंतक बतलाते हैं सत्ता … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: नोट कुछ नोट जिन्हें देख रिक्शे वाले,खोमचे वाले कहते हैं बहुत बड़ा नोट है बाबू टूटे दो वही नोट शराब के … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: उस दिन मेरे घर से निकलते ही बंटू छींका थोड़ा आगे गया तो बिल्ली ने रास्ता काटा मैं ये सब मानता न था सो … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: हमारे पतलू भाई नीरज त्रिपाठी पतलू भाई जिन्हें कुछ लोग किताबी कीड़ा कहते तो कुछ किताबें चाटने वाला दी … more →