Blogs about: नीरज त्रिपाठी

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आतंक के युद्ध में जीत!!! 7 comments

महावीर wrote 7 months ago: आतंक के युद्ध में जीत!!! यह सब से बड़ा आतंकी हमला था। १० आतंकियों को मार कर आतंक के खिलाफ यह जंग ज … more →

Tags: महावीर शर्मा, General

पति या कुत्ता16 comments

महावीर wrote 8 months ago: नीरज त्रिपाठी पति या कुत्ता नीरज त्रिपाठी उस दिन शर्मा जी जब घर लौटे तो उन्होने देखा कि पूरे घर मे … more →

Tags: हास्य-रस/व्यंग्य

सैर सपाटा 2 comments

नीरज त्रिपाठी wrote 9 months ago: पिछले महीने एक हफ्ते की छुट्टी मिली | मन में उमंगें और उत्साह लिए उछलते हुए निकल पड़े हम एक शहर की सै … more →

Tags: व्यंग्य/हास्य

बिहार में प्रलय4 comments

नीरज त्रिपाठी wrote 10 months ago:   बचपन में माँ से था सुना जल देव हैं जीवन आधार जल ही जल बस जल ही जल हर तरफ़ चीख बिलख हाहाकार    उजड़ … more →

'महावीर' ब्लॉग पर मुशायरा

नीरज त्रिपाठी wrote 12 months ago: सूचना ‘महावीर‘ ब्लॉग पर मुशायरा (कवि-सम्मेलन) “बरखा-बहार” वरिष्ठ लेखक, सम … more →

Tags: सामान्य/General

एक और विस्फोट 4 comments

नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: लाल है अब शहर था कल तक गुलाबी मिट गया सिंदूर हाथ मेंहदी है अभी भी राख है वो आज मासूमियत उसकी हँसी सु … more →

Tags: सामान्य/General

प्यार व्यार3 comments

नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago:   सोचा जब सब लेते हैं तो हम भी मजा लेंगे भोलू बनकर कब तक जीवन यापन करेंगे सुनहरा मौसम तिथि एकादशी का … more →

Tags: व्यंग्य/हास्य

पति या कुत्ता8 comments

नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: पति या कुत्ता नीरज त्रिपाठी उस दिन शर्मा जी जब घर लौटे तो उन्होने देखा कि पूरे घर में सजावट थी और ब … more →

Tags: व्यंग्य/हास्य

महाराष्ट्र में नवनिर्माण2 comments

नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: बस एक ध्येय बस एक लक्ष्य वो जहर उगलते जाते हैं भावुक भोली जनता का ख़ुद को शुभचिंतक बतलाते हैं सत्ता … more →

Tags: सामान्य/General

नोट - नीरज त्रिपाठी3 comments

नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: नोट कुछ नोट जिन्हें देख रिक्शे वाले,खोमचे वाले कहते हैं बहुत बड़ा नोट है बाबू टूटे दो वही नोट शराब के … more →

Tags: कविता

मैं और तुम5 comments

नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: उस दिन मेरे घर से निकलते ही बंटू छींका थोड़ा आगे गया तो बिल्ली ने रास्ता काटा मैं ये सब मानता न था सो … more →

Tags: व्यंग्य/हास्य

हमारे पतलू भाई5 comments

नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: हमारे पतलू भाई नीरज त्रिपाठी पतलू भाई जिन्हें कुछ लोग किताबी कीड़ा कहते तो कुछ किताबें चाटने वाला दी … more →

Tags: व्यंग्य/हास्य


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