बुल्ला की जाणा मैं कौन (वडाली बन्धु) घूँघट चक लै सजना (नुसरत फ़तेह अली ख़ान) घूँघट चक लै सजना (वडाली बन्धु) तेरे इश्क़ नचाया (आबिदा परवीन)… more →
निंदा पुराणअंकुर वर्मा wrote 1 year ago: बुल्ला की जाणा मैं कौन (वडाली बन्धु) घूँघट चक लै सजना (नुसरत फ़तेह अली ख़ान) घूँघट चक लै सजना (वडाली ब … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: नुसरत फ़तेह अली ख़ान आ पिया इन नैनन में जो पलक ढाँक तोहे लूँ, न मैं देखूँ गैर को न तोहे देखन दूँ … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: नुसरत फ़तेह अली ख़ान उम्र जलवों में बसर हो ये ज़रूरी तो नहीं, हर शब-ए-ग़म की सहर हो ये ज़रूरी तो नह … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: नासिर काज़मी स्वर: नुसरत फ़तेह अली ख़ान ग़म है या ख़ुशी है तू, मेरी ज़िन्दगी है तू आफ़तों के दौर में, … more →