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Blogs about: नूर

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सहर-ब-सहर मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ9 comments

विनय wrote 8 months ago: सहर-ब-सहर1 मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ2 कहाँ छिप गयीं नूर-सी रोशन निगाहें न कोई घर रहा मेरा न कोई ठिकाना म … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, दोस्त, दर्द, Love, तन्हाई, मंज़िल, Pain, दुआ, घर

ज़िंदगी सियाह है ज़रा तुम नूर थाम लो

Rohit Jain wrote 1 year ago: ज़िंदगी सियाह है ज़रा तुम नूर थाम लो भरी तन्हाई में मुझे कुछ दूर थाम लो तुम्हारे नाम से मुझको ज़माना जा … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Dec 2007, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

जिसकी यादों में गुज़ारता हूँ सुबह-शाम

विनय wrote 1 year ago: जिसकी यादों में गुज़ारता हूँ मैं सुबह-शाम मंज़िल वह मेरी वह मेरा आख़िरी मुक़ाम वह रंगीन शाम थी शाम वह ग … more →

Tags: मेरा गीत, Love, Reminisce, दिल, चेहरा, मंज़िल, मुक़ाम, वफ़ा, शाम

जैसे ज़िन्दगी वीरान है

विनय wrote 1 year ago: जैसे ज़िन्दगी वीरान है जैसे ज़िन्दगी बेनाम है तू मेरी बाँहों से दूर है तू निगाहों का नूर है, मेरे लिए … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, ज़िन्दगी, दूर, इश्क़, Love, प्यार, ख़ुशबू, मोहब्बत

ऐनक उतार के

विनय wrote 1 year ago: ऐनक उतार के ख़ुद को आइने में कभी देखा होता कि इक नूर का टुकड़ा हो मेरे ख़ाबों में चुभता है जो … more →

Tags: रुबाइयाँ, ऐनक, बूँद, हुस्न, चाँद, आइने, इश्क़, Love, प्यार

वह लड़की कौन थी?

विनय wrote 2 years ago: कल की रात बहुत हसीन थी आँखों में उतर आये थे महके हुए ख़्वाब… पहले तो हम चराग़ों के नूर में बैठे … more →

Tags: मेरी नज़्म, चाँद, light, रात, हसीन, dream, सुबह, लड़की, चराग़


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