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रक़ाबी चाँद जला दो

विनय wrote 1 year ago: रक़ाबी चाँद जला दो यह रात चाँदनी हो जाये कभी तो पास बुला लो तेरी नज़दीकियों का मुझे एहसास हो जाये गुला … more →

Tags: मेरी नज़्म, आइना, इश्क़, इक़रार, इज़हार, एहसास, ख़्याल, गुलाबी शाम, घर