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Blogs about: नज़र

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तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है7 comments

विनय wrote 8 months ago: तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है रह-रहकर रुक-रुककर बार-बार उठती है हम बीमारि-ए-इश्क़ के मारे हुए … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, ज़िबह, Love, प्यार, मोहब्बत, यार, जानिब, बेवजह

मेरी मोहब्बत को समझते हो तुम ग़लत9 comments

विनय wrote 9 months ago: मेरी मोहब्बत को समझते हो तुम ग़लत, ग़लत नहीं है तुमको चाहा है मैंने अगर इसमें कुछ ग़लत नहीं है दिखा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, डर, प्यार, चेहरा, मोहब्बत, हसीन, Wrong

उसने हमसे कभी वफ़ा न की7 comments

विनय wrote 9 months ago: उसने हमसे कभी वफ़ा न की और हमने भी तमन्ना न की बहुत बोलते हैं सब ने कहा सो आदत-ए-कमनुमा न की बहुत आये … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, Agony, anger, आइंदा, आदत, आश्ना, इश्क़, उम्मीद, कमनुमा

झोंके हवा के उसका रूख़सार चूमते हैं6 comments

विनय wrote 10 months ago: झोंके हवा के उसका रूख़सार चूमते हैं फूल उसकी आँखों को देख यार झूमते हैं तेरे हुस्नो-शबाब के बारे क्य … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, अदा, आँखें, आशिक़, ख़ाहिश, झोंका, तपिश, तमन्ना, दीवाना

एक ख़ामोश अफ़साना3 comments

विनय wrote 1 year ago: एक ख़ामोश अफ़साना जो तुम्हारी नज़रों ने सुनाया है मुझे काश! वह तुम अपने लबों से मेरे लबों पर लिखती कभी … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, पल, ख़ामोश, अफ़साना

पूनम थी शाम जिसने देखा मुझे4 comments

विनय wrote 1 year ago: पूनम थी शाम जिसने देखा मुझे मैंने उसकी नज़र को उसने मुझे, और चाँद रातभर रश्क करता रहा! शायिर: विनय प् … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, पूनम, शाम, Moon

हिक़ारत भरी नज़रों से जिसे देखा है दुनिया ने

विनय wrote 1 year ago: हिक़ारत भरी नज़रों से जिसे देखा है दुनिया ने उसको तुम एक नज़र मोहब्बत से देख लेना, वह मुफ़लिस है मगर जीन … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, दुनिया, साँस, World, Breath

यह जिस्म नहीं है4 comments

विनय wrote 1 year ago: यह जिस्म नहीं है, काँच के टुकड़े हैं ज़मीने-वक़्त पर दूर तक बिखरे हैं इन्हें मत छूना हाथों में चुभ जाय … more →

Tags: मेरा गीत, always, इश्क़, कशमकश, काँच, जिस्म, दिये, दिल, दीवार

ख़ुशबू बिछायी है राहों में4 comments

विनय wrote 1 year ago: ख़ुशबू बिछायी है राहों में तुम चले आओ, तुम चले आओ दिल बेक़रार है बहुत तुम चले आओ, तुम चले आओ मौसम बड़ … more →

Tags: मेरा गीत, आँचल, इश्क़, ख़ुशबू, गुल, गुलाबी, चेहरा, तरसाना, दिल

मेरी हर नज़र4 comments

विनय wrote 1 year ago: मेरी हर नज़र बेक़रार’ और रूह बेताब है, लबों को भी न तस्लीम एक बूँद आब है रोज़-रोज़ की मुश्किली, यह … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, बूँद, बेताब, Curse, soul, लब, रोज़, Lips, Day

एक दोस्त मेरा भी हो

विनय wrote 1 year ago: एक दोस्त मेरा भी हो एक यार मेरा भी हो जिसकी बाँहों में मुझे मिल जाये ज़िन्दगी जो झूठ-मूठ रूठ के सताये … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, इश्क़, दोस्त, Heart, Love, light, दिल, प्यार

हम में जीतने का हौसला है

विनय wrote 1 year ago: हम में जीतने का हौसला है ‘नज़र’ यह बाज़ी भी हम मारकर जायेंगे यह ज़ख़्म जाविदाँ नहीं रहने वा … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, हौसला, इश्क़, दर्द, Love, प्यार, मोहब्बत, Pain, ज़ख़्म

ज़ख़्मे-जिगर भर आये, कहाँ हो तुम?

विनय wrote 1 year ago: ज़ख़्मे-जिगर भर आये, कहाँ हो तुम? बदरा सावन बुलाये, कहाँ हो तुम? अपने हश्र तक पहुँचा ‘नज़र … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Heart, Love, सावन, प्यार, मोहब्बत, death, Fate

उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की

विनय wrote 1 year ago: उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की बचाये ख़ुदा! नज़र न लग जाये ज़माने की तेरी जुस्त-जू को न मिट … more →

Tags: रुबाइयाँ, वक़्त, उम्मीद, इश्क़, Love, time, प्यार, मोहब्बत, ख़ुदा

इस जानिब य उस जानिब

विनय wrote 1 year ago: इस जानिब य उस जानिब कौन ‘नज़र’ है कौन ‘ग़ालिब’ एक बला है दर्दे-निहाँ कौन बुरा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, रात, जानिब, dream, Night, ज़ख़्म, Silence, दिन

कुछ ऐसा ही होता है

विनय wrote 1 year ago: ज़ोर से दिल धड़कता है (हाँ धड़कता है) तूफ़ान साँसों में चलता है (हाँ चलता है) आँखें ठहर जाती हैं तस्वी … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, तूफ़ान, धड़कन

कभी वैसे होता है

विनय wrote 1 year ago: कभी वैसे होता है, कभी ऐसे होता है यह प्यार जो होता है, प्यार ही  रहता  है… तुमको सब पता है हमक … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, चाहत, दीवाना

क्यों हो गया न प्यार...!

विनय wrote 1 year ago: यह प्यार चीज़ क्या है? दीवानों का है काम बेकार ही पीछे दौड़ते हैं बिन सोचे अन्जाम कहते थे कि प्यार हम … more →

Tags: मेरा गीत, anger, अन्जाम, इनायत, इश्क़, उल्टी, एतबार, ख़ुदा, ख़ूबसूरत

मैं तेरा नाम नहीं जाना2 comments

विनय wrote 1 year ago: मैंने तेरा नाम नहीं जाना जाना तो जाना बस इतना जाना प्यार में तेरे मैं हो गया दीवाना पहली नज़र में होश … more →

Tags: मेरा गीत, हुस्न, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, नाम, मोहब्बत


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