Blogs about: नज़र
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आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं
आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं आहिस्ता-आहिस्ता तुमसे राहें जुड़ने ल… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं … more »
हर गली में ढूँढ़ा तेरा निशाँ
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: हर गली में ढूँढ़ा तेरा निशाँ मैं भटकता … more »
तुम्हारी ख़ुशबू से महक उठा है मन
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम्हारी ख़ुशबू से महक उठा है मन तुम्ह … more »
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
बातों ही बातों में कोई बात हो
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: बातों ही बातों में कोई बात हो दिल से दि … more »
हम में जीतने का हौसला है
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: हम में जीतने का हौसला है ‘नज़र’ यह बा … more »
आफ़ताबी मुस्कुराहट है माहताबी चेहरा
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: आफ़ताबी मुस्कुराहट है माहताबी चेहरा च … more »
ज़ख़्मे-जिगर भर आये, कहाँ हो तुम?
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ज़ख़्मे-जिगर भर आये, कहाँ हो तुम? बदरा सा … more »
उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने … more »
इस जानिब य उस जानिब
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: इस जानिब य उस जानिब कौन ‘नज़र’ है कौन … more »
वह शाम फिर आयी
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: वह शाम फिर आयी वह गुलाबी चाँद फिर आया व … more »
कुछ ऐसा ही होता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ज़ोर से दिल धड़कता है (हाँ धड़कता है) तूफ़ … more »
कभी वैसे होता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: कभी वैसे होता है, कभी ऐसे होता है यह प्य … more »
क्यों हो गया न प्यार...!
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: यह प्यार चीज़ क्या है? दीवानों का है काम … more »
मैं तेरा नाम नहीं जाना
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मैंने तेरा नाम नहीं जाना जाना तो जाना … more »
मैं उससे मोहब्बत करता था
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मैं उससे मोहब्बत करता था आज भी करता हू … more »
मग़फ़रत कर ऐ ख़ुदा
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ‘नज़र’ को मग़फ़रत कर ऐ ख़ुदा ऐसा भी क् … more »
बस एक बार मिली थी नज़र
Rohit Jain wrote 2 months ago: बस एक बार मिली थी नज़र, देखो अब आया होश ह … more »
इक चाँद है आसमाँ में
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन दिल में … more »
