वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है जाने सही करता है या ग़लत करता है वह मुझे नहीं चाहता, जानता हूँ मैं दिल फिर भी उसकी हसरत करता है उसने दिल तोड़ दिया है मेरा मगर दिल है कि उसको मग़्फ़रत* करता है वह चाहता है न … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 4 months ago: वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है जाने सही करता है या ग़लत करता है वह मुझे नहीं चाहता, जानता हूँ मैं दिल फि … more →
विनय wrote 1 year ago: थकने लगी है मोहब्बत की शाम सफ़र के राही को न मिला है मक़ाम बुझने लगी है मोहब्बत की रोशनी रात का राही ह … more →