आज एक बार फ़िर सुरज को उगता देखो और चान्द को चान्दनी रात मे जागता देखो क्या पता कल ये धरती चान्द और सुरज हो ना हो आज एक बार सबसे मुस्करा के बात करो बिताये हुये पलों को साथ साथ याद करो क्या पता कल चेहरे… more →
पूणॅतया हिन्दी ब्लाग (hindi everything)ssjha wrote 2 years ago: आज एक बार फ़िर सुरज को उगता देखो और चान्द को चान्दनी रात मे जागता देखो क्या पता कल ये धरती चान्द और स … more →
ssjha wrote 3 years ago: ने चाहे दुश्मन ज़माना हमारा ! सलामत रहे दोस्ताना हमारा !! ना बिछड़ेंगे मर के भी हम दोस्तों ! हमें दोस् … more →
ssjha wrote 3 years ago: मैं और मेरा रूममेट अक्सर ये बातें करते हैं, घर साफ होता तो कैसा होता. मैं किचन साफ करता तुम बाथरूम ध … more →