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मेरे दिल की पगडंडियों से

विनय wrote 1 year ago: मेरे दिल की पगडंडियों से रोज़ाना कितने गुज़रते हैं कितने क़दमों के निशाँ बनते हैं कितने मिटते हैं … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, क़रीब, गुल, प्यार, मोहब्बत, पगडंडियों, आँधी, दरख़्त