नित उड़ता हूँ तेरी कजरारी अँखियों में मैं रंग-बिरंगे सपनों की छतरी लेके साँव… more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: नित उड़ता हूँ तेरी कजरारी अँखियों में … more →
Tags: मेरा गीत, धूप, Heart, Mind, बदन, dido, Body, मन, जिया
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