हमें परजीवी लता नहीं बनना है, जड़-जमीन हीन,अस्तित्व विहीन, दी्न-हीनता को तजना है, हमें परजीवी लता नही बनना है। न रहो कभी किसी की आश्रिता, … more →
अनुभूति कलशramadwivedi wrote 1 year ago: हमें परजीवी लता नहीं बनना है, जड़-जमीन हीन,अस्तित्व विहीन, दी्न-हीनता को … more →