हम तो हैं परदेस में देश में निकला होगा चाँद, अपनी रात की छत पर कितना तन्हा होगा चाँद, जिन आंखों में काजल बनकर तैरी काली रात, उन आंखों में आंसू का इक कतरा होगा चाँद, रात ने ऐसा पेच लगाया टूटी हाथ से डो… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: हम तो हैं परदेस में देश में निकला होगा चाँद, अपनी रात की छत पर कितना तन्हा होगा चाँद, जिन आंखों में … more →