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Blogs about: परमानंददास जी

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नन्द बधाई दीजे हो ग्वालन

pushtimarg wrote 1 year ago: नन्द बधाई दीजे हो ग्वालन। तुमारे स्याम मनोहर आये गोकुल के प्रतिपालन॥१॥ युवतिन बहु विधि भूषन दीजे विप … more →

Tags: जन्माष्टमी, नंद महोत्सव, राग सारंग

चैत्र मास संवत्सर

pushtimarg wrote 1 year ago: चैत्र मास संवत्सर परिवा बरस प्रवेस भयो है आज। कुंज महल बैठे पिय प्यारी लालन पहरे नौतन साज॥२॥ आपुही क … more →

Tags: राग सारंग, संवत्सर के पद

लाल कछु कीजे भोजन तिल तिल कारी हों वारी हों

pushtimarg wrote 1 year ago: लाल कछु कीजे भोजन तिल तिल कारी हों वारी हों। अब जाय बैठो दोउ भैया नंदबाबा की थारी हो॥१॥ कहियत हे आज … more →

Tags: राग धना श्री, मकर सक्रांति के पद

पतंग की गुडी उडावन लागे व्रजबाल

pushtimarg wrote 1 year ago: पतंग की गुडी उडावन लागे व्रजबाल॥ सुंदर पताका बांधे मनमोहन बाजत मोरन के ताल॥१॥ कोउ पकरत कोउ खेंचत कोउ … more →

Tags: राग धना श्री, मकर सक्रांति के पद

प्रथम गोचारण चले कन्हाई

pushtimarg wrote 2 years ago: प्रथम गोचारण चले कन्हाई। माथे मुकुट पीतांबर की छबी वनमाला पहराइ ॥१॥ कुंडल श्रवण कपोल बिराजत, सुंदरता … more →

Tags: गोपष्टमी की बधाई

कापर ढोटा नयन नचावत

pushtimarg wrote 2 years ago: कापर ढोटा नयन नचावत कोहे तिहारे बाबा की चेरी। गोरस बेचन जात मधुपुरी आये अचानक वनमें घेरी॥१॥ सेननदे स … more →

Tags: राग कान्हरो, दान के पद

आज दधि कंचन मोल भई1 comment

pushtimarg wrote 2 years ago: आज दधि कंचन मोल भई। जा दधि को ब्रह्मादिक इच्छत सो गोपन बांटि दई॥१॥ दधि के पलटे दुलरी दीनी जसुमति खबर … more →

Tags: राग सारंग, दान के पद

रंचक चाखन देरी दह्यो

pushtimarg wrote 2 years ago: रंचक चाखन देरी दह्यो। अद्भुत स्वाद श्रवन सुनि मोपे नाहित परत रह्यो॥१॥ ज्यों ज्यों कर अंबुज उर ढांकत … more →

Tags: राग देवगंधार, दान के पद

यह धन धर्म ही तें पायो

pushtimarg wrote 2 years ago: यह धन धर्म ही तें पायो। नीके राखि जसोदा मैया नारायण ब्रज आयो॥१॥ जा धन को  मुनि जप तप खोजत वेदहुं पार … more →

Tags: जन्माष्टमी, राग कान्हरो

पद्म धर्यो जन ताप निवारण

pushtimarg wrote 2 years ago: पद्म धर्यो जन ताप निवारण। चक्र सुदर्शन धर्यो कमल कर भक्तन की रक्षा के कारण॥१॥ शंख धर्यो रिपु उदर विद … more →

Tags: जन्माष्टमी, राग मालव, इन्द्रमान भंग के पद

आज बधाई को दिन नीको

pushtimarg wrote 2 years ago: आज बधाई को दिन नीको। नंद घरनी जसुमति जायो है, लाल भामतो जीको॥१॥ पंच शब्द बाजे बाजत घर घर ते आयो टीको … more →

Tags: राग सारंग, जन्माष्टमी

रक्षा बंधन को दिन आयो।

pushtimarg wrote 2 years ago: रक्षा बंधन को दिन आयो। गर्गादि सब देव बुलाये लालहिं तिलक बनायो॥१॥ सब गुरुजन मिल देत असीस चिरंजीयो ब् … more →

Tags: राग सारंग, राखी के पद

राखी बांधत जसोदा मैया

pushtimarg wrote 2 years ago: राखी बांधत जसोदा मैया । बहु सिंगार सजे आभूषण गिरिधर भैया॥१॥ रतन खचित राखी बांधि कर, पुन पुन लेत बलैय … more →

Tags: राग सारंग, राखी के पद

वृंदावन क्यों न भये हम मोर।

pushtimarg wrote 2 years ago: वृंदावन क्यों न भये हम मोर। करत निवास गोवर्धन ऊपर, निरखत नंदकिशोर॥१॥ क्यों न भये बंसी कुल सजनी, अधर … more →

Tags: राग मल्हार, श्रृंगार सन्मुख

जागो मेरे लाल जगत उजियारे

pushtimarg wrote 2 years ago: जागो मेरे लाल जगत उजियारे । कोटिक मनमथ वारों मुसकनि पर कमल नयन अंखियन के तारे ॥१॥ संगले ग्वालबाल बछ … more →

Tags: जगाने के पद, राग भैरव, नित्य सेवा

गोपी प्रेम की ध्वजा

pushtimarg wrote 2 years ago: गोपी प्रेम की ध्वजा । निज गोपाल किते अपने वश उरधर श्याम भुजा ॥१॥ शुक मुनि व्यास प्रशंसा कीनी ऊधो संत … more →

Tags: आश्रय महात्म्य दीनत, राग सोरठ

तिहारे चरन कमल को माहत्म्य

pushtimarg wrote 2 years ago: तिहारे चरन कमल को माहत्म्य शिव जाने के गौतम नारी । जटाजुट मध्य पावनी गंगा अजहु लिये फिरत त्रिपुरारी … more →

Tags: राग बिहाग, आश्रय महात्म्य दीनत

डोल माई झूलत हैं ब्रजनाथ ।

pushtimarg wrote 2 years ago: डोल माई झूलत हैं ब्रजनाथ । संग शिभित वृषभान नंदिनी ललिता विशाखा साथ ॥१॥ वाजत ताल मृदंग झांझ डफ रुंज … more →

Tags: राग देवगंधार, डोल के पद

४०. श्री यमुने सुखकारनी प्राण प्रतिक

pushtimarg wrote 2 years ago: श्री यमुने सुखकारनी प्राण प्रतिके । जिन्हे भूलि जात पिय सुधि करि देत, कहाँ लों कहिये इनके जु हित के … more →

Tags: यमुना जी के ४१ पद, राग केदार


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