बिटिया बड़ी हो रही है. अब वो पीं पीं करने वाले खिलौनों से नहीं खेलती. अब उसे चाहिए नए कपडे, गहने और गुडिया. कल ही की बात है कि हथेलियों में समा जाती थी. शायद कल गोद में भी न समायेगी. रह जायेगी यही यादे… more →
परिचर्चाsonyagee wrote 2 weeks ago: “कौन है ?!! ” मंजली ने झल्लाते ही दरवाज़ा खोला. दोपहर के ३ बज रहे थे. न अम्मा जी क … more →
Praful wrote 2 months ago: जीवन में जब सब कुछ एक साथ और जल्दी – जल्दी करने की इच्छा होती है , सब कुछ तेजी से पा लेने की इ … more →
दरभंगिया wrote 2 months ago: बिटिया बड़ी हो रही है. अब वो पीं पीं करने वाले खिलौनों से नहीं खेलती. अब उसे चाहिए नए कपडे, गहने और ग … more →
Praful wrote 3 months ago: आपको और आपके पुरे परिवार को राम नवमी के शुभ अवसर पर बहुत-बहुत शुभकामनाये | मर्यादा पुरुषोतम भगवान श … more →
दरभंगिया wrote 4 months ago: जिस अपार्टमेन्ट में मैं रहता हूँ उसका गार्ड आज बदल गया. वास्तव में उसने अपने पेशा बदल लिया. वह अपार् … more →
दरभंगिया wrote 4 months ago: आजकल रात बहुत छोटी होती है थोड़ी थोड़ी देर में बिटिया रोने लगती है कभी कभी कुढन भी होने लगती है नहीं क … more →
दरभंगिया wrote 4 months ago: आज बहुत तकलीफ हो रही है, बहुत दिनों से एक सपना देखता था कि अपना एक घर बनाऊँगा. पर फ्लैट नहीं में नह … more →
दरभंगिया wrote 4 months ago: अखबार पढ़ती हुई कांक्षा और उसकी ट्राईसाइकिल चलते हुए कांक्षा के पितामह … more →
दरभंगिया wrote 5 months ago: माँ तो सबकी होती है मेरी थोड़ी अनोखी है कुछ ऐसे छुप कर बैठी है जैसे जन्म से मुझ से रूठी है हाँ सुना ह … more →
rudrakshanath wrote 8 months ago: दैनिक जीवन के सामान्यतः चलते ही जब हम देखते हैं कि कितना तनाव और आपाधापी है तो फिर समाज की स्त्रियां … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: वैसे तो अपने देख के लोगों की यह पूरानी आदत है कि वह हर तरफ अपने को श्रेष्ठ साबित करना चाहते हैं और अ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पिर्तभिभ्रौतृभिश्चैता पतिभिदैवरैस्तथा पूज्या भूषयितव्याश्च बहुकल्याणमीप्सुभिः विवाह के समय अपने कल् … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १. अधर्म से प्राप्त हुए धन के द्वारा जो दोष छिपाया जाता है वह तो छिपता नहीं, उससे भिन्न और नया दोष प … more →