पिर्तभिभ्रौतृभिश्चैता पतिभिदैवरैस्तथा पूज्या भूषयितव्याश्च बहुकल्याणमीप्सुभिः विवाह के समय अपने कल्याण पिता, भाई, पति और देवर कन्या को वस्त्र और आभूषण से संसज्जित कर सकते हैं। कन्य इस तरह सुसज्जित कर… more →
दीपक भारतदीप की शब्दलेख-पत्रिकाGayatri wrote 2 months ago: शीला के कदम जैसे हवा मे उड़ रहे थे.प्रशासन ने उसकी उम्र क़ैद की सज़ा 14 साल से घटा कर 10 साल कर दी थ … more →
Gayatri wrote 5 months ago: “कौन है ?!! ” मंजली ने झल्लाते ही दरवाज़ा खोला. दोपहर के ३ बज रहे थे. न अम्मा जी को इस … more →
Praful wrote 7 months ago: जीवन में जब सब कुछ एक साथ और जल्दी – जल्दी करने की इच्छा होती है , सब कुछ तेजी से पा लेने की इ … more →
Praful wrote 8 months ago: आपको और आपके पुरे परिवार को राम नवमी के शुभ अवसर पर बहुत-बहुत शुभकामनाये | मर्यादा पुरुषोतम भगवान श् … more →
rudrakshanath wrote 1 year ago: दैनिक जीवन के सामान्यतः चलते ही जब हम देखते हैं कि कितना तनाव और आपाधापी है तो फिर समाज की स्त्रियां … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वैसे तो अपने देख के लोगों की यह पूरानी आदत है कि वह हर तरफ अपने को श्रेष्ठ साबित करना चाहते हैं और अ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पिर्तभिभ्रौतृभिश्चैता पतिभिदैवरैस्तथा पूज्या भूषयितव्याश्च बहुकल्याणमीप्सुभिः विवाह के समय अपने कल् … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १. अधर्म से प्राप्त हुए धन के द्वारा जो दोष छिपाया जाता है वह तो छिपता नहीं, उससे भिन्न और नया दोष प … more →
Gayatri wrote 2 years ago: “टन,टन,टन,टन्……॥’राधिका ने घबरा कर घडी की तरफ़ देखा। ” नौ बजने को आये हे,ना जाने कह … more →