जंगलों के बीच सजे से तुम, गगन को छूते से लगे तुम, चंद्रमा लगा तुम्हारे पास, तारे देते थे नज़दीकी का आभास, तुम ऎसे अडिग खड़े, जैसे कई दिग्गज अड़े, बादल गोदी में खेलते हैं, लगता है तुम्हें छेड़ते हैं, धूप क… more →
पसंदaspundir wrote 7 months ago: गोवर्धन पर्वत धारण करने पर नीचे की भुमि जलमग्न क्यों नहीं हुई? एक समय शिवजी ने पार्वती जी के सामने स … more →
pryas wrote 1 year ago: कल ऑफिस के काम से बाहर जाना था. गार्ड को बोला की ड्राईवर को गाडी निकालने के लिये कह दे. कोई दो बजे ख … more →
oskanpur wrote 1 year ago: नवीनतम व आधुनिक लाइनक्स उबुँटू अप्रैल २००८ में आपके लिए पेश – मुफ्त में डाउनलोड करें व सबको ला … more →
प्रेमलता पांडे wrote 3 years ago: जंगलों के बीच सजे से तुम, गगन को छूते से लगे तुम, चंद्रमा लगा तुम्हारे पास, तारे देते थे नज़दीकी का आ … more →