महान होने के लिए जितनी ज्यादा सीढ़ियाँ मैंने चढ़ीं उतनी ही ज्यादा क्रूरताएं मैंने कीं ज्ञानी होने के लिए जितनी ज्यादा पोथियां मैंने पढ़ीं उतनी ही ज्यादा मूर्खताएं मैंने कीं बहादुर होने के लिए जितनी ज्याद… more →
शैशवthe3rdone wrote 3 months ago: वाचा बांधने के लिए दो जन का ज़रुरी है. एक आदमी दुसरा आदमी के साथ वाचा बांधता है और एक दुसरे को कुछ श … more →
डा. अमर कुमार wrote 9 months ago: मैं भी तो अल्पज्ञ जीव मात्र ही हूं : श्री बिस्मिल की इस स्वीकारोक्ति में मेरी असहमति का कोई स्थान … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: महान होने के लिए जितनी ज्यादा सीढ़ियाँ मैंने चढ़ीं उतनी ही ज्यादा क्रूरताएं मैंने कीं ज्ञानी होने के ल … more →