भूतपूर्व मजदूर की डायरी से-आलेख जिन लोगों ने जीवन में कभी मजदूरी या मेहनतकश बनकर पैसा नहीं कमाया उनके लिये मेहनत करने वालों का फोटो, फिल्म या कहानियां बहुत रुचिकर होती है। उसी तरह जो मजदूर या मेहनतकश … more →
*** दीपक भारतदीप की हिंदी सरिता-पत्रिका*** mastram Deepak Bharatdeep ki hindi patrika***रवि कुमार, रावतभाटा wrote 4 months ago: चाहे मुझे पागल करार दिया जाए (a poem by ravi kumar, rawatbhata) कोई यदि पूछेगा सबसे बेहतर रंग कौनसा … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: भूतपूर्व मजदूर की डायरी से-आलेख जिन लोगों ने जीवन में कभी मजदूरी या मेहनतकश बनकर पैसा नहीं कमाया उनक … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: बेकद्रों की महफिल में मत जाना बहस के नाम पर वहां बस कोहराम मचेगा पर कौन, किसकी कद्र करेगा। मुस्कराहट … more →