१ चार अक्षर का मेरा नाम, टिमटिम तारे बनाना काम, शादी, उत्सव या त्योहार, सब जलाएँ बार-बार। २ तीन पैर की चंपा रानी, शाम-सवेरे नहाय, चावल-दाल को छोड़कर, कच्ची रोटी खाय। ३ सुबह-सुबह ही आता हूँ,… more →
पसंदप्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: १ चार अक्षर का मेरा नाम, टिमटिम तारे बनाना काम, शादी, उत्सव या त्योहार, सब जलाएँ बार-बार। २ … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: १ मुझे उलट कर देखो, लगता हूँ मैं नौ जवान, कोई अलग न रहता मुझसे, बच्चा, बूढ़ा और जवान॥ २ प … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: १ लाल हूँ, खाती हूँ मैं सूखी घास, पानी पीकर मर जाऊँ, जल जाए जो आए मेरे पास॥ २ अंत कटे तो नग बन ज … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: १ तीन अक्षर का मेरा नाम। उल्टा सीधा एक समान॥ २ ऊँट की बैठक, हिरन सी तेज चाल। वो कौन सा जानवर जिसके … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: १ लाल डिबिया में हैं पीले खाने, खानों में मोती के दाने? २. वह रहती नहीं बीमार,फिर भी खाती … more →