1) “वो”, मुझसे, बेइंतहाँ प्यार करता था, ऐसा वो और लोग मुझसे कहा करते थे, मेरे कारण उसके लबों मे हँसी, और आँखों मे पानी आया करता था, ये हम भी देखा करते थे… उसे प्यार से हम, “पाग… more →
NidhiKM...Dil Se...Life is not fair...You never know...Hai na...Tum jo bhi ho,sirf tumhare karana ho...रवि कुमार, रावतभाटा wrote 3 months ago: चाहे मुझे पागल करार दिया जाए (a poem by ravi kumar, rawatbhata) कोई यदि पूछेगा सबसे बेहतर रंग कौनसा … more →
Nidhi KM wrote 5 months ago: 1) “वो”, मुझसे, बेइंतहाँ प्यार करता था, ऐसा वो और लोग मुझसे कहा करते थे, मेरे कारण उसके … more →
विनय wrote 1 year ago: हम भी पागल थे ग़ैरों को अपना जानते थे रुसवा किये जायेंगे इस क़दर यह न जानते थे बेवफ़ा गर वह होता दर्द श … more →