एक बार एक आदमी ने अपना कुँआ एक किसान को बेच दिया. अगले दिन जब किसान ने कुँए से पानी खिंचना शुरू किया तो उस व्यक्ति ने किसान से पानी लेने के लिये मना किया. वह बोला, “मैने तुम्हें केवल कुँआ बेचा ह… more →
यह भी खूब रहीsanjay pandey wrote 2 weeks ago: जैसे जैसे मानसून में देरी हो रही है वैसे वैसे बुन्देलखंड के लोगो और जानवरों की जिजीविषा दम तोड़ रही ह … more →
Rohit Jain wrote 7 months ago: हार जाने की कामरानी पर दास्तां लिख रहा हूँ पानी पर आपने दिल मेरा जो तोड़ा है शुक्र करत … more →
pryas wrote 1 year ago: एक बार एक आदमी ने अपना कुँआ एक किसान को बेच दिया. अगले दिन जब किसान ने कुँए से पानी खिंचना शुरू किया … more →
विनय wrote 1 year ago: एक पानी में भीगी हुई किताब जाने किसने? सूखने के लिए रख दी है धूप में जैसे जैसे नमी भाप बनती है पन्ने … more →