( युद्ध की विभिषिका से पीड़ितों को समर्पित ) टकरा लिये मौत से हरदम जीवन से अब हारे आंधी ऐसी धुमिल हो गये नभ के चांद सितारे क्रूर इरादे शैतानों के कि्रड़ा करते रहे आग में गोली तोपों की आवाजें भर देते है… more →
हरिहर झाHarihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: ( युद्ध की विभिषिका से पीड़ितों को समर्पित ) टकरा लिये मौत से हरदम जीवन से अब हारे आंधी ऐसी धुमिल हो … more →