श्री दिनेशराय द्विवेदी जी द्वारा लिखित आलेख ‘उद्यम भी श्रम ही है‘ और श्री ज्ञानदत्त जी पाण्डेय द्वारा लिखित आलेख ‘उद्यम और श्रम’ की टिप्पणियों के प्रत्युत्तर में यह ज़रूरी हो … more →
नया सर्वहारा पुनर्जागरण नया सर्वहारा प्रबोधनShaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: श्री दिनेशराय द्विवेदी जी द्वारा लिखित आलेख ‘उद्यम भी श्रम ही है‘ और श्री ज्ञानदत्त जी प … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: 23. ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां पूंजीवादी समाज मेहनतकशों … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: 21. ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां “ऐसे प्रत्येक देश म … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: 17. ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां दस्तकार किसी वस्तु के एक क … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: 16. ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां वर्तमान समय में ‘सर् … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां अंग्रेज़ मेहनतकश व … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: 14. पूंजीवाद और प्रकृति पर मनुष्य की विजय सन 1848 तक प्रकृति पर मनुष्य की विजय का काम बहुत धीमी गति … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: 10. विश्व बाज़ार का मात्रात्मक और गुणात्मक विकास “मशीनों के आविष्कार के पहले प्रत्येक देश की औद … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: 8. पूंजीवाद का क्रांतिकारी चरित्र “जब तक हस्तशिल्प और मैन्युफैक्चर सामाजिक उत्पादन के सामान्य … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: 6. बुर्जुआ वर्ग का राजनितिक विकास यहाँ पर लेखकों का मंतव्य सर्वप्रथम और प्रमुख रूप से फ्रांसीसी बुर् … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: 5. औद्योगिक क्रांति और मशीन से उत्पादन का विकास अठारहवीं शताब्दी के अंत में नयी मशीनों के आविष्कार स … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: ['कम्यूनिस्ट घोषणापत्र' पर राजनीतिशास्त्र के कई विद्वानों ने व्याख्याएँ और टिप्पणियां लिखी हैं. इनमे … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: 3. मध्ययुगीन अर्थव्यवस्था का ह्नास, भूगोलिक खोजों का युग और विश्व-बाज़ार की शुरुआत पंद्रहवीं शताब्दी … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: 2. हेक्स्टहाउज़ेन, मॉरेर और मॉर्गन कम्युनिस्ट पार्टी के घोषणापत्र के बाद के संस्करणों में एंगेल्स (18 … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: पूँजीपति के लिए मज़दूर सिर्फ मुनाफा पैदा करने का एक साधन है! भारत सिर्फ अपने विशाल बाजार की वजह से ह … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 9 months ago: शोलोखोव के नावल के इसी शीर्षक पर आधारित बनी इस लगभग साढ़े पॉँच घंटे की महाकाव्यात्मक फ़िल्म में मध्यम … more →
नौभास wrote 1 year ago: परिवार को बचाने के करुण क्रंदन के खिलाफ एक पत्र : कात्यायनी प्रिय भाई, ‘बचा रहे परिवार!’ … more →
विचार मंच, wrote 1 year ago: परिवार को बचाने के करुण क्रंदन के खिलाफ एक पत्र : कात्यायनी प्रिय भाई, ‘बचा रहे परिवार!’ … more →