यह बच्चन जी की जीवनी का चौथा एवं अंतिम भाग है। बच्चन जी इलाहाबाद में क्लाईव रोड पर जिस बंगले में रहते थे, उसके कमरों में दरवाजे, खिड़कियों और रोशनदान को मिलाकर १०-१० खुली जगहें थी, इसलिये उसका नाम उन्… more →
लेखउन्मुक्त wrote 8 months ago: ‘अरे उन्मुक्त जी, क्यों बोर कर रहे हैं। हमें भी मालुम है कि आज अलबर्ट आइन्स्टीन का जन्मदिन है। … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: यह बच्चन जी की जीवनी का चौथा एवं अंतिम भाग है। बच्चन जी इलाहाबाद में क्लाईव रोड पर जिस बंगले में रहत … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: ‘बसेरे से दूर’, बच्चन जी की आत्म कथा का तीसरा भाग है। इसमें उस समय की बात है जब वे इलाहा … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: नीड़ का निर्माण फिर बच्चन जी की जीवनी का दूसरा भाग है, यह भाग उनकी पहली पत्नी श्यामा की मृत्यु से शु … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: अमिताभ बच्चन के पिता, मधुशाला के लेखक – हरिवंश राय बच्चन का जन्म २७ नवम्बर १९०७ में इलाहाबाद क … more →
उन्मुक्त wrote 2 years ago: यह लेख रिचार्ड फाइनमेन के लिखे पत्रों संग्रहीत कर लिखी गयी पुस्तक ‘क्या आपके पास सोचने का समय … more →
उन्मुक्त wrote 2 years ago: कुछ समय पहले मैंने जूले वर्न के बारे में चिट्ठी पोस्ट की थी। इस चिट्ठी में उनकी कई और पुस्तकों का जि … more →
उन्मुक्त wrote 2 years ago: हैकर भाई, तुम सर्वशक्तिमान हो। सारी गलती मेरी ही थी। मेरा चिट्ठा वापस करने के लिये शुक्रिया, धन्यवाद … more →
उन्मुक्त wrote 2 years ago: १९६० दशक के पहले भाग में, मेरा स्कूली जीवन बीता। उसी समय To Sir with Love नामक पुस्तक पढ़ी थी। यह पु … more →
उन्मुक्त wrote 3 years ago: जिस तरह से गणित के महत्व को नकारा नहीं जा सकता, उसी तरह से पहेलियों को भी नज़र अन्दाज नहीं किया जा सक … more →