कल उन्मुक्त जी की इस चिट्ठी पर बडी दिलचस्प चर्चा पढने को मिली। एक तो वो दिल्ली में उनकी पसंदीदा किताबों की दुकान बुकवार्म बन्द होने से दुःखी थे और दूसरे अन्य किताबों की दुकानों पर सही माहौल ना होने को… more →
इन्द्रधनुषडा. अमर कुमार wrote 9 months ago: राजकीय घोषणा के पश्चात जब मैं शाहजहाँपुर आया तो शहर की अदभुत दशा देखी । कोई पास तक खड़े होने का साहस … more →
डा. अमर कुमार wrote 9 months ago: अब हमलोग पिछली कड़ी से आगे बढ़ते हैं.. इन्हीं विचारों में निमग्न यमुना तट पर बड़ी देर तक घूमता रहा। ध … more →
डा. अमर कुमार wrote 9 months ago: हथियारों की खरीद के आगे पढ़ें… इधर तो हम लोग अपने कार्य में व्यस्त थे, उधर मैनपुरी के एक सदस्य पर लीड … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: कल उन्मुक्त जी की इस चिट्ठी पर बडी दिलचस्प चर्चा पढने को मिली। एक तो वो दिल्ली में उनकी पसंदीदा किता … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: अभी हाल ही में चेतन भगत की नयी पुस्तक “Three Mistakes of My Life” पढी। एक टाइमपास किताब … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: दिसम्बर में हैदराबाद में एक पुस्तक मेला लगा था, जिसकी कि खबर मुझे मेले के आखिरी दिन लगी। किस्मत से उ … more →
Nitin Bagla wrote 2 years ago: ग्रेगरी डेविड राबर्ट्स (Gregory David Roberts) की ‘शांताराम’ (Shantaram) २००३ में प्रकाश … more →
Nitin Bagla wrote 2 years ago: जरा सोंचिये, कैसा लगेगा अगर कोई आपसे कहे , कि आपके शरीर में एक विशेष जीन (Gene) मौजूद है, लेकिन … more →
Nitin Bagla wrote 2 years ago: एल्लो…इतना हल्ला कर रहे थे हैरी भैया की नई किताब का। पूरा माहौल बना कर तैयार किया हुआ है २१ जु … more →
Nitin Bagla wrote 2 years ago: इस मौसम में, जब हैरी पाटर श्रृंखला की पाँचवी फिल्म सिनेमाघरों में पहुँच गई है और (संभवतः)आखिरी पुस्त … more →
Nitin Bagla wrote 2 years ago: पिछले दिनों में मैने दो किताबें पढी हैं, तीसरी पढ रहा हूं और चौथी शुरू करने वाला हूँ (ये सोंच कर खुश … more →
Nitin Bagla wrote 2 years ago: पिछले काफी समय से मेरा हिन्दी पुस्तकें पढना काफी कम होता जा रहा है । जब तक कालेज में थे, कालेज लाइब … more →
Nitin Bagla wrote 2 years ago: पता नही इस बार बीतते हुए साल का तरीके से अवलोकन कर पाऊंगा या नही, पर जो सबसे सरल काम कर सकता हूँ … more →
Nitin Bagla wrote 3 years ago: द्वितीय विश्व युद्ध के काफ़ी बाद तक विभिन्न अंग्रेजी(अमेरिकन व ब्रिटिश दोनों) रोमांचक उपन्यासों का आध … more →