आज मेरा चाँद उदास है दुनिया से अनजान अपने ही ख्यालो में उलझा है जानती हूँ उसकी उलझन पर उसे सुलझाना मेरे बसमें नही मैंने कहा उससे तुम यू उदास न रहा करो तुम्हारे उदास होने से आसमान का चाँद भी उदास हो जा… more →
कुछ िदल सेprithvi wrote 7 months ago: ये कैसा मौसम है दोस्तो! …. चांद पूरा है. पूरा का पूरा. चमकता हुआ. तड़के पौने पांच बजे छत पर ज … more →
aspundir wrote 1 year ago: तिथि अंग्रेजी पंचांग के अनुसार दिन का आरम्भ मध्य रात्रि से माना जाता है। इसका समय निर्धारण मध्याह्न … more →
kmuskan wrote 1 year ago: आज मेरा चाँद उदास है दुनिया से अनजान अपने ही ख्यालो में उलझा है जानती हूँ उसकी उलझन पर उसे सुलझाना म … more →