छुटपन में ऐसा होता था अक्सर कि कोई टोके कि फल के साथ ही तुमने खा लिया है बीज इसलिए पेड़ उगेगा तुम्हारे भीतर मेरे भीतर पेड़ उगा या नहीं पता नहीं क्योंकि मैंने किसी को कभी न छाया दी न फल न वसंत की आहट लेक… more →
शैशवKrishna Kumar Mishra wrote 1 month ago: आज मैं लिये चलता हूं आप सब को प्रकृति की उस छोटी वाटिका में जो मैनहन में स्थित है आज बतायेंगे उसका स … more →
अफ़लातून wrote 9 months ago: छुटपन में ऐसा होता था अक्सर कि कोई टोके कि फल के साथ ही तुमने खा लिया है बीज इसलिए पेड़ उगेगा तुम्हार … more →