सेहर है या कोई सहरा है लोगों सभी बातों पे क्यों पहरा है लोगों जहां कश्ती मेरी … more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 3 weeks ago: सेहर है या कोई सहरा है लोगों सभी बातों … more →
Rohit Jain wrote 5 months ago: रास्तों पे सब ही पहचाने से लोग हैं देख … more →
Rohit Jain wrote 7 months ago: हम भी जिगर पे इख़्तियार रख लेंगे बंद आँ … more →
Rohit Jain wrote 7 months ago: ज़मीं पे पैर रखो आसमान हो जाओ जिसे दोहर … more →