कल पर्यावरण दिवस था। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति मिला हो जिसे पर्यावरण बचाने की चिंता हो। इसका कारण भी है। मैंने कहीं पढ़ा था कि जितना पानी भारत में लोगों का उपलब्ध उतना दुनियां में किसी अन्य देश को नहीं… more →
दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिकाGirijesh Rao wrote 1 week ago: पौधा है : कनैल , वैज्ञानिक (Botanical) नाम: Thevetia neriifolia, अन्य नाम – अश्वमारक,कर्वीर(सं … more →
Girijesh Rao wrote 3 weeks ago: आप लोगों ने सम्भवत: देखा होगा, मेरे प्रोफाइल का फोटो बदलता रहता है। आज एक वनस्पति तो कल दूसरा पौधा। … more →
Harihar Jha हरिहर झा wrote 2 months ago: रजनी जग को सुलाये सहे तिमिर का वार नभ खुश हो पहनाये चांद-तारों का हार बन के खुद आइना रहा रूप को निखा … more →
प्रेमलता पांडे wrote 9 months ago: प्रकृति के अदभुत दृश्य मन में एक अलग सी अनुभुति कराते हैं कि बस मन बाबला हो जाता है। क्या दूर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कल पर्यावरण दिवस था। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति मिला हो जिसे पर्यावरण बचाने की चिंता हो। इसका कारण भी … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मनुष्य की अपने स्थान से दूसरी जगह पलायन करना एक स्वाभाविक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसे रोकना लगभ … more →
Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: रजनी जग को सुलाये सहे तिमिर का वार नभ खुश हो पहनाये चांद-तारों का हार बन के खुद आइना रहा रूप को निखा … more →
Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: प्रेम पाशमय जीवन सुना कर जाने के बाद महक उठी नन्हीं बगिया में प्रिये तुम्हारी याद झिलमिल स्मृति च … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अगर एक अखबार की खबर पर यकीन करें तो आगे चलकर प्रकृति को निहारने के लिए भी पैसे देने पड़ेंगे. … more →
Shastri JC Philip wrote 1 year ago: फॉटो ब्लॉग: प्रकृति !Photo Blog: Nature ! आप इस चित्र का उपयोग रचनात्मक सामान्य प् … more →
Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: मोम की कसक जो दर्द बन गई पिघलपिघल लौ से दूर हो गया आंसुओं की गर्मी से कराह कर खण्ड मे बंटा तो चूर हो … more →
Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: पौ फटी नभ लाल हो कर सूर्य से शरमा रहा चांद गर्वित रूप था कल मेरे आगे कुछ नहीं लजाती दुल्हन से पूछो … more →