ये पुछक्कड़ लगता है फिर से कठिन सवाल पूछ के भाग गया. सवाल पूछे तो पुछक्कड़ और जनता के अण्डे-टमाटर झेले बुझक्कड़, ये कहाँ का न्याय है? पंकज भाई ने तो सीधे-सीधे हाथ खड़े कर दिये. वैसे समीर जी को भी उत्तर नह… more →
वन्दे मातरम्स्वाधीन wrote 2 years ago: ये पुछक्कड़ लगता है फिर से कठिन सवाल पूछ के भाग गया. सवाल पूछे तो पुछक्कड़ और जनता के अण्डे-टमाटर झेले … more →
स्वाधीन wrote 2 years ago: एक और सफ़ल प्रक्षेपण! भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने १० जनवरी २००७ को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्ष … more →
स्वाधीन wrote 2 years ago: इन्दौर – विकास की राह पर तेज़ी से अपने कदम बढ़ाता एक शहर. यह शहर मुझे हमेशा से ही अपने घर की तरह … more →
स्वाधीन wrote 2 years ago: आज भारतीय वायु सेना का पिचहत्तरवां जन्मदिवस है. हमारी वायु सेना विश्व की चार सबसे बड़ी वायु सेनाओं मे … more →
स्वाधीन wrote 2 years ago: मुझे अभी भी वे दिन अच्छी तरह से याद हैं. मैं छोटा था और मेरे रिश्ते के कुछ भाई-बहन अमरीका और यूरोप म … more →
स्वाधीन wrote 2 years ago: बात है कुछ साल-डेढ़ साल पहले की. हम और हमारी पत्नीजी कोलकाता से मुम्बई आ रहे थे. गीतांजलि एक्सप्रेस … more →
स्वाधीन wrote 2 years ago: शुरुआत करते हैं एक निजी अनुभव से. मई १९९८, भारत के एक वरिष्ठ नाभिकीय भौतिकशास्त्री के साथ काम करने क … more →
स्वाधीन wrote 2 years ago: एक ज़माना था जब राजा हुआ करते थे, किले हुआ करते थे. राजा जब भी कोई खतरा महसूस करता था, अपनी सेना के स … more →