हिन्दी,हिन्दू और हिंदुत्व शब्दों में जो आकर्षण है उसका कारण कोई उनकी कानों को सुनाई देने वाली ध्वनि नहीं बल्कि वह भाव जो उनके साथ जुड़ा है। यह भाव हिन्दी भाषा के अध्यात्मिक, हिन्दू व्यक्ति के ज्ञ… more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: आप सुबह किसी दुकान पर जाकर ऐसे ही खड़े होकर वहां रखी चीजें देखिये तो दुकानदार आपसे पूछेगा‘ आपको कौनसी … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: हिन्दी,हिन्दू और हिंदुत्व शब्दों में जो आकर्षण है उसका कारण कोई उनकी कानों को सुनाई देने वाली ध्वन … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: सरवर के खग एक से, बाढ़त प्रीति न धीम पै मराल को मानसर, एकै ठौर रहीम अधिकतर पक्षी एक समान होते हैं। उ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन निज मन की बिधा, मन ही राखो गोय सुनि अठिलैहैं लोग सब, बांटि न लैहैं कोय कविवर रहीम कहते है अपन … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दैवतान्यभिगच्छेत्तु धार्मिकांश्च द्विजोत्तमान् ईश्वरं चैव रक्षार्थ गुरूदेव च पर्वसु अपनी रक्षा तथा क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सर्प के मुख में विष न हो तो भी वह अपना फन फैला देता है, जिससे अन्य जीव डरकर पीछे हट जाते हैं। अगर व … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १. विद्या का मद, धन का मद और तीसरा ऊंची कुल का मद है. यह घमंडी पुरुषों के लिए मद हैं परन्तु सज्जन पु … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: स्कूल से छुट्टी मिलते ही बालक पहुंचा इंडिया आईडियल के शहर के कार्यक्रम में कंधे पर लटकाए बस्ता आयोज … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.युवावस्था में काम-क्रोध हावी होते हैं, इसी कारण व्यक्ति की विवेक शक्ति निष्क्रिय हो जाती है। काम व … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चलो अपना यह ब्लोग http://rajdpk.wordpress.com अब फिर संकट में अब नहीं आयेगा. आज हिंदि के ब्लोग एक … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: इस ब्लोगhttp://rajdpk.wordpress.com के समस्त पाठकों को सूचित किया जाता है की कतिपय लोग किन्हीं लोगों … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज एक चैनल पर विभिन्न मनोरंजक चैनलों पर संगीत कार्यक्रमों में नृत्य और संगीत की प्रतियोगिताओ … more →