ये पुछक्कड़ लगता है फिर से कठिन सवाल पूछ के भाग गया. सवाल पूछे तो पुछक्कड़ और जनता के अण्डे-टमाटर झेले बुझक्कड़, ये कहाँ का न्याय है? पंकज भाई ने तो सीधे-सीधे हाथ खड़े कर दिये. वैसे समीर जी को भी उत्तर नह… more →
वन्दे मातरम्स्वाधीन wrote 2 years ago: ये पुछक्कड़ लगता है फिर से कठिन सवाल पूछ के भाग गया. सवाल पूछे तो पुछक्कड़ और जनता के अण्डे-टमाटर झेले … more →
स्वाधीन wrote 2 years ago: लाल पुछक्कड़ चाचा हाज़िर हैं एक लम्बे अरसे के बाद. छुट्टी पर थे पुछक्कड़ चाचा, ज़रा निकल गये थे दुनियाँ … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: लगता है पुछक्कड़ चाचा को अब कठिन सवाल पूछने होंगे. विनय भाई ने शुरुआत की तो फिर आशीष भाई हों, बेंगाणी … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: लीजिये, पुछक्कड़ चाचा फिर आ गये अपना एक सवाल लेकर. आपको कुछ भारतीय शहरों के नाम दिये जा रहे हैं: कलकत … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: भई वाह! इस बार तो आप लोगों ने १००% सही जवाब दिया. बुझक्कड़ चाचा खुश हुए. इनाम में आप सबको मिलती है- उ … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: तो हाज़िर हैं पुछक्कड़ चाचा अपने एक नये सवाल के साथ. आज आपको बूझना है कि नीचे दी गयी तस्वीर में क्या च … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: वाह, बहुत खूब! बहुत सही दिमाग लगाया आप सब लोगों ने. और पंकज भाई के उत्तर से इतना भी पता चल गया कि ला … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: सारी दुनियाँ में ११ सितम्बर का दिन मानवता के इतिहास में काली स्याही से लिखा जाता है, क्यों? ना, ना स … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: हमने तो पहले ही पुछक्कड़ को बोल दिया था कि सवाल का आगा-पीछा ठीक से बता दो. पर नहीं, उसे तो आड़े-तिरछे … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: आज का सवाल रहा ये – आपको दिया जा रहा है एक श्लोक दीर्धचतुरस्रस्याक्ष्णयारज्जु: पार्श्वमानी तिर … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: लीजिये आ गये लाल बुझक्कड़ चाचा। दोपहर होते होते लाल पुछक्क्ड़ चाचा मायूस हो चले थे कि इस बार कोई बूझ ह … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: एक बार फिर हाज़िर हैं लाल पुछक्कड़ चाचा और उनका सवाल. मगर उस से पहले आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद. आप ज … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: वाह! …. इस बार आपने लाल पुछक्कड़ चाचा से ही प्रश्न पूछ डाला कि ‘भइये ऐसा आसान प्रश्न क्यू … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: ये लीजिये, आ गये लाल पुछक्कड़ चाचा अपने आसान से सवाल के साथ। नीचे दिये गये चित्र को देखिये। न..न..यह … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: हमारी इस श्रृंखला का जिस उत्साह से आपने स्वागत किया, उसके लिये आपका हार्दिक धन्यवाद. लाल बुझक्कड़ चाच … more →
स्वाधीन wrote 3 years ago: हम वन्दे मातरम् पर एक श्रृंखला शुरु करने जा रहे हैं – पूछे लाल पुछक्कड़! इसके अन्तर्गत आपसे भार … more →