महाकाव्य महाभारत के वन पर्व में पांडवों के बारह-वर्षीय वनवास के समय उनके द्वारा भोगे गये कष्टों का वर्णन है । ध्यान रहे कि कौरवों के साथ खेले गये जुए में युधिष्ठिर के हार जाने के बाद सभी पांडवों को बा… more →
विचार संकलनयोगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: महाकाव्य महाभारत के वन पर्व में पांडवों के बारह-वर्षीय वनवास के समय उनके द्वारा भोगे गये कष्टों का व … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 2 months ago: आचार्य चाणक्य के नाम से प्रायः हर भारतवासी परिचित होगा । उन्हें अवसर के अनुरूप हर प्रकार की नीति अपन … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 3 months ago: ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते …’ कहते हुए समाज में स्त्रियों को सम्मान मिलना चाहिए की बात अक्सर सु … more →
kashyap omprakash wrote 3 months ago: इस बात के पर्याप्त साक्ष्य हैं कि सभ्यता के लंबे विकास-क्रम में व्यापार निरंतर तरक्की करता जा रहा था … more →
kashyap omprakash wrote 4 months ago: लोकतंत्र राजनीति का आधुनिक सिद्धांत है. यह, हालांकि राजनीतिक व्यवस्था को तय करनेवाली एक प्रणाली है, … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 8 months ago: महाकाव्य महाभारत के परिचयात्मक प्रथम अध्याय में ‘काल’ यानी समय की महिमा का वर्णन किया गया है । इस अध … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 10 months ago: भारतीय इतिहास के प्राचीनतम वैभव की परिकल्पना को तब जोरदार बल मिला जब १९२१ मे दयाराम साहनी द्वारा हड़प … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 10 months ago: लगभग 600 ई-पू- से 600 ईसवी तक के मध्य आर्थिक और राजनीतिक जीवन में अनेक परिवर्तन हुए। इनमें से कुछ पर … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 10 months ago: हड़प्पा सभ्यता के बाद डेढ़ हजार वषोरं के लंबे अंतराल में उपमहाद्वीप के विभिन्न भागों में कई प्रकार के … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: वर्ष २००९ का आगमन हो चुका है । पिछले वर्ष सारा विश्व आर्थिक मंदी से जूझता रहा, तो अपना देश उसके साथ … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: महाकाव्य महाभारत के शांतिपर्व के अंतर्गत मोक्षधर्म पर्व के अध्ययन से यही लगता है कि स्त्रीजाति के प् … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: बाल्मीकिकृत रामायण में ऋषि जाबालि एवं श्रीराम के बीच एक संवाद का जिक्र है जो मुझे रोचक लगा । प्रसंग … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: शुंग काल शुङ्ग वंश मौर्य वंश के पश्चात का राजवंश हैं। हर्षचरित व पुराणों से पता चलता है कि सेनाप … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: जीवन परिचय -गौतम बुद्ध नेपाल के तराई क्षेत्र में कपिलवस्तु और देवदह के बीच नौतनवा स्टेशन से 8 मील … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: कांस्य युग सिंधु घाटी सभ्यता का विकास ताम्र पाषाण युग में ही हुआ था, पर इसका विकास अपनी समकालीन सभ्य … more →