अधजल गगरी छलकत जाए - प्राण शर्मा कमाल मेरा नया नया दोस्त बना था. दसवीं में तीन बार फ़ेल था. बेकारी में घूम रहा था. एक दिन मिला तो उसने अपने नाना, दादा की तारीफ़ें करनी शुरू दीं. कहने लगा-“मेरे चाच… more →
मंथनमहावीर wrote 1 month ago: अधजल गगरी छलकत जाए - प्राण शर्मा कमाल मेरा नया नया दोस्त बना था. दसवीं में तीन बार फ़ेल था. बेकारी मे … more →
महावीर wrote 1 month ago: प्रेमिका -प्राण शर्मा अनुरागी और मधुरिमा के बीच इन्टरनेट पर रोज़ ही प्रेम-वार्तालाप होना शुरू हो गया … more →
महावीर wrote 1 month ago: लघुकथा- खट्टे संतरे प्राण शर्मा रमेश बड़े शौक़ से खाने के लिए साफ़ सुथरे और चमचम करते संतरे सुबह सब्जी … more →
महावीर wrote 2 months ago: मजबूरी -प्राण शर्मा बचपन में सरोज जब अपने साथियों को काजू-मेवे खाते हुए देखता तो उसके मुंह में पानी … more →
महावीर wrote 3 months ago: लघुकथा शिष्टता प्राण शर्मा किसी जगह एक फिल्म की शूटिंग हो रही थी. किसी फिल्म की आउटडोर शूटिंग हो वहा … more →
महावीर wrote 4 months ago: ।।लघुकथा ।। जन नायक प्राण शर्मा अपने आपको प्रतिष्ठित समझने वाले गुणेन्द्र प्रसाद के मन में एक अजीब-स … more →
महावीर wrote 4 months ago: प्राण शर्मा की लघु-कथा पिंजरे के पंछी —प्राण शर्मा चंद्र प्रकाश के चार साल के बेटे को पंछियों से बेह … more →
महावीर wrote 11 months ago: प्राण शर्मा जी की एक ग़ज़लः चूल्हा-चौका, कपड़ा-लत्ता ख़ौफ़ है इनके बहने का तूफ़ानों का ख़ौफ़ नहीं है … more →
महावीर wrote 1 year ago: प्राण शर्मा जी की एक ग़ज़लः परखचे अपने उड़ाना दोस्तो आसां नहीं आपबीती को सुनाना दोस्तो आसां नहीं ख़ू … more →
महावीर wrote 1 year ago: प्राण शर्मा जी की दो ग़ज़लें यारों से मुंह को मोड़ना कुछ तो ख़याल कर बरसों की यारी तोड़ना कुछ तो ख़य … more →
महावीर wrote 1 year ago: प्राण शर्मा जी की दो रचनाएं : प्राण शर्मा जी की रचनाएं पढ़ते हुए ऐसा लगने लगता है जैसे रचनाएं बोल रह … more →
महावीर wrote 1 year ago: देवी नागरानी एक संवेदन शील कवियित्री -प्राण शर्मा ‘प्रतिभाशाली और श्रेष्ट कवि कौन है?’ क … more →
महावीर wrote 1 year ago: मुशायरा/कवि-सम्मेलन “बरखा-बहार” भाग 2 सूचनाः देखने वालों के अनुरोध पर ‘मुशायरे का … more →
महावीर wrote 1 year ago: ग़ज़ल – हादसों के शहर में सो रहा था चैन से मैं फ़ुर्सतों के शहर में जब जगा तो ख़ुद को पाया हाद … more →
महावीर wrote 1 year ago: उषा राजे सक्सेना – एक संवेदनशील कहानीकार नेहरू सैंटर, लंदन में ३० मई २००८ उषा राजे सक्सेना की … more →
महावीर wrote 1 year ago: मेरे दुखों में मुझ पे ये अहसान कर गए कुछ लोग मशवरों से मेरी झोली भर गए पुरवाईयों में कुछ इधर और कुछ … more →