Lost your password?

Blogs about: प्रेम

Featured Blog

एक प्रजाति जो सदियों से हमारे साथ है।2 comments

Krishna Kumar Mishra wrote 1 week ago: आज मैने एक फ़िल्म देखी “एट बिलो” Eight below जो आठ कुत्तो की कहानी है। ये दूसरी बार है जब … more →

Tags: History & Environment, Antarctica, अंटार्कटिका, कुत्ता, जानवर, जीव, बर्फ़, मांउट मेलबर्न, स्नेह

मेरे जीवन में भी काश

aradhana wrote 2 weeks ago: मेरे जीवन में भी काश एक बार आता मधुमास कामदेव का बाण मुझे भी लग जाता मुझको भी हो जाती पिया मिलन की आ … more →

Tags: मधुमास, विरह-अग्नि

भर्तृहरि नीति शतक- किसी का चेहरा चंद्रमा जैसा नहीं होता (face and moon-hindi adhyatmik sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अजानन्दाहात्भ्यं पततु शालभे दीपदहने स मीनोऽप्यज्ञानाद्वडियुतमश्नातु पिशितम्। विजानंतोऽप्येतेवयमिह वि … more →

Tags: Blogroll, hindi adhyatm, hindi abhivyakti, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, आलेख, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, हिंदी पत्रिका

गुनगुनाती हो ! 3 comments

Harihar Jha हरिहर झा wrote 5 months ago: क्यों पोत रही तुम मेरी सूखी हड्डियों पर इन्द्रधनुषी रंग उतर कर मेरे आंगन में ! क्यों जम्हाई लेने के … more →

Tags: अतुकांत, हिन्द-युग्म, माचो

असीम प्रेम और त्याग का उदाहरण1 comment

Nishant wrote 5 months ago: संत मैक्सिमिलियन कोल्बे (1894-1941) पोलैंड के फ्रांसिस्कन मत के पादरी थे. नाजी हुकूमत के दौरान उन्हे … more →

Tags: संत-महात्मा, त्याग

यू टर्न11 comments

Gayatri wrote 8 months ago: हर क़दम संभल के रखो हर हरफ़ वज़न कर कहो लाइफ में कोई यू- टर्न नही है ….. हर रिश्ता खुल के जियो … more →

Tags: कविता, यू- टर्न, रिश्ता

प्यार की बात न हो तो अच्छा है...5 comments

प्रेमलता पांडे wrote 10 months ago: ’प्यार की बात न हो तो अच्छा है, बिन बात ही प्यार होतो सच्चा है। प्यार की बात का तो अर्थ होता है, प्य … more →

Tags: भावांजलि, लेख/आलेख

............प्यार के लिए मगर पैसा चाहिए !

sareetha wrote 10 months ago: दुनिया में आज तक सच्ची प्रेम कहानियों का दारुण अंत देखा गया है । लेकिन हाल ही में  नये दौर के हीर -र … more →

Tags: चांद, फ़िज़ा, मीडिया, फ़िल्म, मुसलमान, राजनीति

कविता लिखने में हिट पर प्यार में फ्लाप पाया-हास्य व्यंग्य कविता2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कमेन्ट पाने का उसने कीर्तिमान बनाया जोश में आकर उसने लिखा अपनी प्रेयसी को प्रेम पत्र इकतरफा प्रेम ने … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, inglish, हिंदी, साहित्य, हिंदी साहित्य, edcation, bharat

उस्लूब, उस्लूब, उस्लूब5 comments

विनय wrote 1 year ago: उस्लूब*, उस्लूब, उस्लूब क्या पढ़ने वाले इनको समझते हैं वज़नी हो सीने पर गर ज़ख़्म उसे पढ़ने वाले दर्द … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, दर्द, Heart, Love, प्यार, मोहब्बत, Pain, ज़ख़्म

हम सब के सच्चे दोस्त हैं6 comments

विनय wrote 1 year ago: हम सब के सच्चे दोस्त हैं हर दिल की बात समझते हैं उसकी ख़ुशी को हम अपने ख़ुशी के आँसुओं में रखते हैं … more →

Tags: रुबाइयाँ, आँसू, इश्क़, ख़ुशी, दिल, दोस्त, दोस्ती, प्यार, मोहब्बत

धीरे-धीरे ग़म सहना5 comments

विनय wrote 1 year ago: धीरे-धीरे ग़म सहना, किसी से कुछ न कहना फ़ितरत ऐसी हो गयी, दिन-रात मरके जीना शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़ … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Love, प्यार, फ़ितरत, मोहब्बत, रात, Night, ग़म

आज फिर मुझको खिड़की से5 comments

विनय wrote 1 year ago: आज फिर मुझको खिड़की से दिख रहा है चाँद आधा-आधा जिस तरह से मैं जी रहा हूँ वो भी कहीं जी रहा है आधा-आध … more →

Tags: रुबाइयाँ, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, Adore, Moon, खिड़की

संत की उदासी3 comments

pryas wrote 1 year ago: एक संत ने एक रात स्वप्न देखा कि उनके पास एक देवदूत आया है। देवदूत के हाथ में एक सूची है। उसने कहा, … more →

Tags: हितोपदेश, pryas, प्रयास, hindi chittha, भगवान, संत, sant, yah bhi khoob rahi, Bhagwan

मेरी प्रिय मेरी प्रियतमा2 comments

विनय wrote 1 year ago: मेरी प्रिय मेरी प्रियतमा मेरी प्रेयसी मैं तुमको सच्चे मन से प्रेम करता हूँ निर्मल निश्छल सच्चा प्रेम … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, सपना, dream, Beloved, Season

जीवन की पहली धूम

विनय wrote 1 year ago: जब साँसों में समायी नयी सुगन्ध जब मिले पत्तों को लाल-हरे रंग जब आया जीवन में मेरे बसंत जब तन-मन में … more →

Tags: मेरा गीत, रंग, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, फूल, बारिश, सुबह

प्रिये तुम्हारी याद5 comments

Harihar Jha हरिहर झा wrote 2 years ago: प्रेम पाशमय जीवन सुना कर जाने के बाद महक उठी नन्हीं बगिया में प्रिये तुम्हारी याद    झिलमिल स्मृति च … more →

Tags: गीत, अनुभूति, प्रकृति, याद

क्या प्रेम और युद्ध में सब जायज है-chintan

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: प्रेम और युद्ध में सब जायज है। क्या इस तर्क को सही मान लिया जाये? पूरी तरह यथार्थ मीवन जीने वाले लोग … more →

Tags: Blogroll, hindi, अभिव्यक्ति, bharat, ताल-बेताल, चरित्र, अनुभूति, चिन्तन, हिंदी साहित्य

मंज़िल मंज़िल......एक कहानी4 comments

Gayatri wrote 2 years ago: “क्या मैं यहाँ बैठ सकता हूँ ?” ये शब्द सुनकर मेरा ध्यान उन की तरफ गया जों रेलवे प्लेटफार … more →

Tags: कहानी, रिश्ता, इंड़ी ब्लागर, Short Story


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS