एक- एक व्यक्ति चाहकर भी अपने दुर्गुणों पर काबू नहीं कर पा रहा था. एक बार उसके गाँव में संत फरीद आये. उसने उनसे अपनी परेशानी बतायी. फरीद ने कहा, ‘द्ढ सकंल्प से ही दुर्गुण छूटते हैं. यदि तुम इच्छा… more →
यह भी खूब रहीदीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: उनके चेहरे पर बटन की तरह टंगी आंखें कपड़े और किताबों के पिंजर से बाहर झांकती दिखती है। ऐसा लगता है क … more →
pryas wrote 1 year ago: एक- एक व्यक्ति चाहकर भी अपने दुर्गुणों पर काबू नहीं कर पा रहा था. एक बार उसके गाँव में संत फरीद आये. … more →