तू जाके फिर ना आयी मगर बार-बार आती रही तेरी याद सबने सुनी कहानी मेरी पर ना सुनी गयी मेरी फ़रियाद मैं भूला नहीं तेरा चेहरा कभी यह पागलपन है मेरा कहते रहे सभी तेरे सपने आँखों में लेकर मैं साथ तेरे जीता … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: तू जाके फिर ना आयी मगर बार-बार आती रही तेरी याद सबने सुनी कहानी मेरी पर ना सुनी गयी मेरी फ़रियाद मैं … more →