कल्पना की लकीरों से, तेरी एक तस्वीर बनाई है जब भी देखती हूँ उसमे, तेरा ही अक्स नज़र आता है किसी का उदास चेहरा उस, अजनबी फ़रिश्ते से देखा नही जाता किसी कि भी आँखों में आंसू देख ,मदद को दोडा वो आता है हर… more →
कुछ िदल सेkmuskan wrote 12 months ago: कल्पना की लकीरों से, तेरी एक तस्वीर बनाई है जब भी देखती हूँ उसमे, तेरा ही अक्स नज़र आता है किसी का उद … more →