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Blogs about: फासिज्म

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अक्टूबर क्रान्ति की मशाल बुझी नहीं है! बुझ नहीं सकती! 3 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: अक्टूबर क्रांति की ९२वीँ वर्षगांठ पर अब से ठीक 79 वर्ष पहले, 1917 में (पुराने कैलेण्डर के अनुसार अक् … more →

Tags: उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, क्रांति, पूंजीवादी संकट, लेनिन, अक्टूबर क्रान्ति, इन्कलाब, दुस्साहसवाद, बोल्शेविक

भगत सिंह, कम्युनिस्ट और गाँधी होने का मतलब2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: पूंजीपतियों के चाटुकार बुद्धिजीवियों द्वारा जानबूझकर परंतु कुछ पढ़े-लिखे लोगों द्वारा अनजाने में भावु … more →

Tags: भगत सिंह, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, युद्ध, कविता, मजदूर वर्ग की विरासत, वर्ग चेतना, इन्कलाब

सर्वहारा वर्ग, "जन-साधारण" और किसान वर्ग - शोषण के रूपों का महत्त्व1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: 28.  ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां सर्वहारा वर्ग के शोषण का … more →

Tags: आंदोलन, सर्वहारा, मार्क्सवाद, संघर्ष, विरासत, एंगेल्स

फासीवाद के 14 लक्षण 5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: डा. लॉरेंस ब्रिट डा. लॉरेंस ब्रिट  – एक राजनीतिक विज्ञानी जिन्होंने फासीवादी शासनों जैसे हिटलर … more →

Tags: कम्युनिस्ट, साम्प्रदायिकता, आतंकवाद, काले कानून, वर्ग चेतना, आधी आबादी, ट्रेड यूनियन, राष्ट्रवाद, अन्धराष्ट्रवाद

धार्मिक कट्टरपन्थ फ़ासीवाद के विरुद्ध सांस्कृतिक मोर्चे पर सही क्रान्तिकारी रणनीति अपनाओ!4 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: भगत सिंह, सर्वहारा, साम्प्रदायिकता, हिन्दी नाटक, समाज और संस्कृति, वामपंथी, कला, साहित्य, संस्कृति

कला-साहित्य-संस्कृति के मोर्चे पर विचारधारात्मक संघर्ष

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, साम्राज्यवाद, विरासत, Maoism, Marxism

नए सांस्कृतिक कार्यभारों की ज़मीन--- महत्तव्पूर्ण सामजिक-आर्थिक सरंचनागत परिवर्तनों और विश्व-ऐतिहासिक विपर्यय का यह दौर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट

कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर ... 14 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: जिस देश का प्रधानमंत्री स्वयं स्वीकार करे की देश की 7० प्रतिशत जनता 20 या 20 रूपए से कम पर गुज़ारा कर … more →

Tags: भगत सिंह, लेनिन, आह्वान, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, मार्क्सवाद, आतंकवाद, काले कानून, कार्ल मार्क्स

मई दिवस का इतिहास-2

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: इस पोस्ट का पहला भाग ….यहाँ देखें शिकागो की हड़ताल और हे मार्केट की घटना पहली मई को शिकागो में … more →

Tags: लेनिन, आंदोलन, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, संघर्ष, युद्ध, विरासत

पाँच क्रान्तिकारी जनसंगठनों का साझा चुनावी भण्डाफोड़ अभियान

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: चुनावी राजनीति के मायाजाल से बाहर आओ! नये मज़दूर इन्कलाब की अलख जगाओ!! देशभर में लोकसभा चुनाव के लिए … more →

Tags: बिगुल, क्रांति, आह्वान, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, संघर्ष, साम्राज्यवाद, काले कानून

प्रेम, परम्परा और विद्रोह1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: कात्यायनी बाबू बजरंगी आज एक राष्ट्रीय परिघटना बन चुका है। अहमदाबाद के इस शख्स का दावा है कि अब तक वह … more →

Tags: भगत सिंह, क्रांति, ललकार, सर्वहारा, साम्प्रदायिकता, साम्राज्यवाद, हिंदुत्व की प्रयोगश, आधी आबादी, कात्यायनी

दर्शन के प्रश्नों पर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: वार्ता विशेष माओ त्से-तुङ 18 अगस्त, 1964 यह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अपने कुछ वरिष्ठ कामरेडों के सा … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, साम्राज्यवाद

नए इंकलाब की मशाल जलाओ ! क्रांतिकारी लोक स्वराज्य का परचम ऊँचा उठाओ !!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: उठो ! जागो !! आगे बढो !!! आज़ादी मुनाफाखोरों लुटेरों के लिए ! जनतंत्र चोरों-मुफ्तखोरों के लिए !! एक ह … more →

Tags: भगत सिंह, क्रांति, आह्वान, ललकार, सर्वहारा, पूंजीवादी संकट, साम्प्रदायिकता, साम्राज्यवाद, काले कानून

भारतीय टेलिविज़न के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा शाहकार 'तमस' अब ऑनलाइन 2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 10 months ago: \'तमस\' पहला भाग \'तमस\' दूसरा भाग \'तमस\' तीसरा भाग \'तमस\' चौथा भा … more →

Tags: नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, साम्प्रदायिकता, दूरदर्शन, वैकल्पिक मीडिया

आतंकवाद बनाम काले कानून : बहाना कोई निशाना कोई

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 year ago: पिछले दिनों देश के कई इलाकों में हुए बम धमाकों के बाद देश में इस्लामी आतंकवाद का हौवा खड़ा करके नए-न … more →

Tags: साम्प्रदायिकता, साम्राज्यवाद, आतंकवाद, काले कानून

देश को एक बार फ़िर सांप्रदायिक जुनून की आग में झोंकने की तैयारी2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 year ago: हिंदू फासिस्टों के जुनूनी अभियान और कांग्रेस के नरम हिंदुत्व की राजनीती देश को एक खतरनाक मोड़ पर धके … more →

Tags: क्रांति, सर्वहारा, पूंजीवादी संकट, साम्प्रदायिकता, नानावटी आयोग, हिंदुत्व की प्रयोगश, communalism


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