बहुत दिनों तक दिल्ली से बाहर रही इसलिए कुछ लिख नही पाई लेकिन अब फिर से दिल्ली मे हूँ इसलिए कुछ पंक्तिया लिख रही हूँ तेरे दर पे आई हूँ ,ले के फिरयाद तू तो जानता हैं ,क्या हैं मेरी मुराद मेरे दिल की कोई… more →
कुछ िदल सेkmuskan wrote 1 year ago: बहुत दिनों तक दिल्ली से बाहर रही इसलिए कुछ लिख नही पाई लेकिन अब फिर से दिल्ली मे हूँ इसलिए कुछ पंक्त … more →