पहलू में मेरे फिर दिल-ए-बरबाद आया है वो शख्स आज फिर मुझे क्यों याद आया है हर राह पर करता फ़िरा ये प्यार की तलाश दिल जिस गली में भी गया नाशाद आया है देखो किसी भी शाख पर पंछी नहीं है आज लगता है फिर से बा… more →
इक शायर अंजाना सा...Nidhi KM wrote 7 months ago: आज फिर मन उदास है, कोई अपना नही पास है… चल रही हूँ जिन रहो मे, कभी … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: पहलू में मेरे फिर दिल-ए-बरबाद आया है वो शख्स आज फिर मुझे क्यों याद आया है हर राह पर करता फ़िरा ये प्य … more →