अमृता प्रीतम का उपन्यास ’पिंजर’ मैंने तब पढ़ा था पहली बार जब में स्कूल में ही था। उसके बाद जाने कितनी ही बार पढ़ लिया। आज जब हम आजादी की सालगिरह मना रहे हैं तो मन कहता है कि इस उपन्यास के बारे में कुछ… more →
आईनादीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: क्वीसलैंड यूनिवर्सटी आफ टैक्लनालाजी के प्रोफेसर कि अनुसार इस मंदी के दौर में लोगों के दाम्पत्य जीवन … more →
K M Mishra wrote 4 months ago: सवेरे के साढे छ: बज रहे हैं और मैं मुँह में टूथब्रश घुमाता लॉन में खड़ा हॅंू । सड़क पर बुङ्ढेजन, … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: इस देश में कई ऐसे लोग है जो अमिताभ बच्चन के अभिनय और आवाज से अधिक उनके व्यक्तित्व और वक्तव्यों से … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: भारत में अधिकतर लोगों को फिल्म देखने का शौक है और सभी की अपनी वय और समय के अनुसार पंसदीदा फिल्में और … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: ‘बिन फेरे, बने बसेरे’ को जब राज्य की वैधानिकता का प्रमाण मिलना प्रस्तावित भर हुआ है तब देश में एक न … more →
Rakesh wrote 10 months ago: Once a lady when having a conversation with her lover, asked: Lady : Why do you like me..? Why do … more →
Rakesh wrote 10 months ago: An atheist professor of philosophy speaks to his class on the problem science has with God, The Almi … more →
Rakesh wrote 10 months ago: Why INDIA is in trouble….. ……… …….. ….. Population: … more →
Rakesh wrote 1 year ago: d ECIDE Hansa : Praful “Decide” matlab ? Praful : “Decide” Hansa … vo … more →
Rakesh wrote 1 year ago: जब भी हम पहली बार किसी से मिलते है तो क्या करते है, बहुत आसान है – जब भी हम किसी से पहली बार म … more →
Amit wrote 1 year ago: अभी हाल ही में रिलीज़ हुई रितिक और ऐश्वर्य की फ़िल्म जोधा अक़बर को लेकर काफ़ी हल्ला हो चुका है। बहुतों क … more →
Rakesh wrote 1 year ago: मृदु भावों के अंगूरों की आज बना लाया हाला, प्रियतम, अपने ही हाथों से आज पिलाऊँगा प्याला, पहले भोग लग … more →
Rakesh wrote 1 year ago: दोस्ती नाम नहीं सिर्फ़ दोस्तों के साथ रेहने का.. बल्कि दोस्त ही जिन्दगी बन जाते हैं, दोस्ती में.. जरु … more →
Rakesh wrote 1 year ago: काफी दिन से सोच रहा था कुछ चुटकुला लिखूं | कल मेरे १ मित्र ने मुझसे कहा भी की आज कल चुटकुले नही लिख … more →
Rakesh wrote 1 year ago: एक मुद्दत हुई दिल को सताती रही तेरी याद आंसू बन लहू में घुल जाती रही तेरी याद सुबह को लालिमअ बन … more →
Rakesh wrote 1 year ago: मुद्दत हो गयी उन तनहाइयों को गुजरे , आज भी इन आँखों में वो खामोशियाँ क्यों है चुन चुन कर जिसकी यादो … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: प्रेयसी और प्रियतम दोनों अकेले चैट करते हो गए थे बोर दोनों खुश नहीं थे इस बात से कि उनके इश्क के जम … more →
Rakesh wrote 1 year ago: एक बार जीने के लिए सौ बार मरे है हम एक मुसकुराहट के लिए कितना सिसका यह गम यह जीवन जलता जलता भी नहीं … more →
Rakesh wrote 1 year ago: मैं तुमसे बहूऊऊऊऊऊऊत् प्यार करती हूँ . मैं कुछ भी नहीं तुम्हारे बिना ! मुझमे क्या कमी है की वो प्या … more →