फूलों से रंग और महकती मधु बूंदे हर सुबह नज़रों से बिन भूले पिये जा | फिर भंवरे के जैसी मीठी गुंजन करते जीवन बगिया में मद मस्त जिये जा | कुदरत की सुनहरी धूप और गरमाहट हमेशा ,हर कदम पे महसूस किये जा | … more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: फूलों से रंग और महकती मधु बूंदे हर सुबह नज़रों से बिन भूले पिये जा | फिर भंवरे के जैसी मीठी गुंजन कर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: काटो से भरी राहे चुनकर जो चलते है अक्सर फूलों के बिस्तर उन्हे रास नही आया करते | इश्क़ की मुश्किल … more →