उड़नतश्तरी, यानि कि समीर जी, दिल्ली में लैन्ड हुए और 13 नवंबर की शाम नीरज दादा के दौलतखाने पर मिलना तय हुआ। आने वालों में कुछ और लोग भी अपेक्षित थे लेकिन व्यस्तताओं और अन्य कारणों से वे नहीं आ पाए। बहर… more →
दुनिया मेरी नज़र से - world from my eyes!!प्रेमलता पांडे wrote 1 month ago: फोटो खींचना मुझे बहुत अच्छा लगता है। फोटोग्राफ़ी की विधिवत शिक्षा के नाम पर किसी से कोई पाठ नहीं पढ़ा … more →
kalapiketan wrote 5 months ago: बागमें खिल गया बतख फोटोः घनश्याम ठक्कर … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: प्रस्तर की इमारतों को दिखाकर वह उसका इतिहास बताते हैं सुनने वाले निहारते हुए स्वयं भी पत्थर हो जाते … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: ओ आम इंसान! तू क्यों ख़ास कहलाने के लिए मरा जाता है. खास इंसानों की जिन्दगी का सच जाने बिना क्यों बड … more →
Amit wrote 2 years ago: उड़नतश्तरी, यानि कि समीर जी, दिल्ली में लैन्ड हुए और 13 नवंबर की शाम नीरज दादा के दौलतखाने पर मिलना त … more →
Amit wrote 2 years ago: कई बार प्रयास रहता है कि हर सप्ताहांत कम से कम एक बार दिल्ली या उसके आसपास कहीं सुबह जाया जाए घूमने, … more →
Amit wrote 2 years ago: तकरीबन चार दिन से घर में ही था, मन बेचैन था तो पिछले से पिछले बृहसपति-वार की शाम को मन हुआ कि कहीं ल … more →
Amit wrote 2 years ago: बीते दिनों में एक रविवार सुबह संतोष के साथ कुतुब मीनार के पास स्थित पाँच इंद्रियों के बाग़ यानि कि गॉ … more →