भाग १- काँच की सडकें भाग २- परदेस में खाना-पीना कार्यक्रम इतना टाइट था, कि पेरिस घूमने के लिये लौटते वक्त मात्र शुक्रवार की दोपहर और शाम मेरे पास थी…शनिवार दिन में ११-१२ बजे वापसी थी। क्या देखे… more →
इन्द्रधनुषprithvi wrote 2 months ago: फ्रांस के दरख्त थार अपने आप में विविधता का पिटारा है. यह विविधता यहां की जलवायु से लेकर आम जीवन और … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: भाग १- काँच की सडकें भाग २- परदेस में खाना-पीना कार्यक्रम इतना टाइट था, कि पेरिस घूमने के लिये लौटत … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: भाग १ से आगे एक ना ‘पीने’ वाले शाकाहारी को परदेस में क्या दिक्कत हो सकती है, कोई मुझसे … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: छुटपन में अपने दोस्तों के बीच की गपबाजी में एक बात बारबार सुनी थी…”पेरिस की सडकें कांच क … more →