यह तस्वीर मैने कतरनियाघाट वाइल्डलाइफ़ सेंक्चुरीं में खीची थी “एक बालक की सुआ पालने की ख्वाइश जो कभी पूरी नही हो सकी“ “क्योँकि आज ये बालक इन परिंदोँ के परोँ को हवा देने की कोशिश कर रह… more →
मैनहनKrishna Kumar Mishra wrote 1 week ago: यह तस्वीर मैने कतरनियाघाट वाइल्डलाइफ़ सेंक्चुरीं में खीची थी “एक बालक की सुआ पालने की ख्वाइश ज … more →
विनय wrote 1 year ago: न रखो वह तस्वीरें हरी जिनसे दिल दुखता हो कर दो वह ज़मीनें बंजर जिनमें घाव उगता हो क्यों सीने में साँस … more →
विनय wrote 1 year ago: रोज़े – शामे – दीवाली कोई नूरे – चराग़ नहीं चौखट सूनी दिल वीराँ तन्हा - … more →