बच्चे जो बड़े हो गए ! जीवन की अभिव्यक्ति को, जठारानल की तृप्ति को, अपने पैरो पे खडे हो गए ! बचपन क्या, मनमानी क्या ? पढ़ने में आनाकानी क्या ? कहाँ कथाएं परियों की, दादी क्या और नानी क्या ? स्वप्न-लोक… more →
महाबली शाकाmahabalishaka wrote 2 years ago: बच्चे जो बड़े हो गए ! जीवन की अभिव्यक्ति को, जठारानल की तृप्ति को, अपने पैरो पे खडे हो गए ! बचपन क् … more →