चढ़ गयी रे मस्ती चढ़ गयी रे चढ़ गयी रे तेरे हुस्न की मस्ती चढ़ गयी रे मस्ती चढ़ गयी रे तेरे हुस्न की मस्ती चढ़ गयी रे लग गया काँटा फँस गया बाँका बन्धु बात तेरी तो बन गयी रे चढ़ गयी रे मस्ती चढ़ गयी रे… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: चढ़ गयी रे मस्ती चढ़ गयी रे चढ़ गयी रे तेरे हुस्न की मस्ती चढ़ गयी रे मस्ती चढ़ गयी रे तेरे हुस्न की … more →