भूख एक बेबाक बयान है (a poem by ravi kumar, rawatbhata) भूख के बारे में शब्दों की जुगाली साफ़बयानी नहीं हो सकती भूख पर नहीं लिखी जा सकती कोई शिष्ट कविता भूख जो कि कविता नहीं कर सकती उल्टी पडी डेगचियों… more →
सृजन और सरोकाररवि कुमार, रावतभाटा wrote 2 months ago: भूख एक बेबाक बयान है (a poem by ravi kumar, rawatbhata) भूख के बारे में शब्दों की जुगाली साफ़बयानी न … more →