साधो, आज हिन्दुस्तान टाइम्स में मनोज शर्मा की लिखी रपट पढ़ो? देखो एक दस साल का दीपक प्रहलाद है जो कूड़ा करकट बीनबान कर 30-40 रुपये रोज कमाता है, चुंगी के स्कूल में पढ़ता है और आंखों में डाक्टर बनने क… more →
दास कबीरविनय wrote 12 months ago: ख़ुशबू बिछायी है राहों में तुम चले आओ, तुम चले आओ दिल बेक़रार है बहुत तुम चले आओ, तुम चले आओ मौसम बड़ … more →
विनय wrote 1 year ago: गुज़रे जो मौसम हैं वह भी आयेंगे तेरे नाम हमने जिन पर लिखे थे वह पत्ते जब हमें वापस मिल जायेंगे नया सफ़ … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं ईज़ा1 में पड़ा नदामत2 को तड़पता रहा जैसे शोला बुझती आग में भड़कता रहा मैं कमरे में बैठा खोया रहा … more →
daskabir wrote 1 year ago: साधो, आज हिन्दुस्तान टाइम्स में मनोज शर्मा की लिखी रपट पढ़ो? देखो एक दस साल का दीपक प्रहलाद है जो क … more →
daskabir wrote 2 years ago: साधो, इस ब्लाग की दुनिया में भी कबीर की पिछली दुनिया की तरह के ही लोग हैं एक दूसरे से झगड़ने वाले, … more →