दिन बसन्त के राजा-रानी-से तुम दिन बसन्त के आए हो हिम के दिन बीतते दिन बसन्त के पात पुराने पीले झरते हैं झर-झर कर नई कोंपलों ने शृंगार किया है जी भर फूल चन्द्रमा का झुक आया है धरती पर अभी-अभी देखा मैंन… more →
अभ्युदयविजय सारस्वत wrote 8 months ago: कविता-बसंत रै संग आयो फागण बसंत रै संग आयो फागण प्रेम री राग रंगीली बसंत रै संग, खुशी बांटण चाल्यो आ … more →
विनय wrote 1 year ago: उम्मीद है हम तुम मिलेंगे उम्मीद है नये दीप जलेंगे जब बसंत की धूप महकेगी उम्मीद है दोनों दिल खिलेंगे … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: नए रगों से हुई फिर यारी, खिल गई हर फुलवारी, भूल ले बीते पतझड़ को, शुरू नए सृजन की तैयारी। हर ओर खिली … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: नए रगों से हुई फिर यारी, खिल गई हर फुलवारी, भूल ले बीते पतझड़ को, शुरू नए सृजन की तैयारी। हर ओर खिली … more →
विनय wrote 1 year ago: जब साँसों में समायी नयी सुगन्ध जब मिले पत्तों को लाल-हरे रंग जब आया जीवन में मेरे बसंत जब तन-मन में … more →
kuldeepsingh wrote 1 year ago: वर दे, वीणावादिनि वर दे। प्रिय स्वतंत्र रव, अमृत मंत्र नव भारत में भर दे। काट अंध उर के बंधन स्तर बह … more →
kuldeepsingh wrote 1 year ago: ऋतुराज वसंत का आगमन होचुका है । और आज बसंत पंचमी है — बसंत पर्व का प्रथम दिवस । इस … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: बसंत ऋतु का स्वागत है। बसंत को ऋतुओं का राजा अर्थात सर्वश्रेष्ठ ऋतु माना गया है। इस समय पंच-तत्त्व अ … more →