दिल की बस्तियाँ जलीं पर उठा नहीं धुँआ बुझाया आँखों से मैंने पर बुझा नहीं धुँ… more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: दिल की बस्तियाँ जलीं पर उठा नहीं धुँआ … more →
Tags: मेरी ग़ज़ल, उम्मीद, इश्क़, दर्द, Heart, Love, eyes, दिल, प्यार
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